देश के कई शहरों में कोरोनावायरस का दूसरा दौर देखने को मिल रहा है. महाराष्ट्र के कई शहरों में जनता की आवाजाही पर अंकुश लगने के साथ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Maharashtra Health Minister Rajesh Tope) ने आगाह किया है कि कोरोना वास्तव में खतरनाक स्थिति में पहुंच रहा है.
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Maharashtra Health Minister Rajesh Tope) ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, जिलाधिकारियों और पुलिस आय़ुक्तों से चर्चा के बाद कड़े कदमों की घोषणा की जा सकती है. लॉकडाउन (Lockdown) के शब्द का भी इस्तेमाल इस सतर्कता के साथ किया कि जरूरत पड़ने पर कुछ जिलों में यह कदम उठाया जा सकता है.
महाराष्ट्र (Maharashtra) उन राज्यों में से है, जहां पिछले कुछ हफ्तों में संक्रमण बेहद तेजी से बढ़ रहा है, जबकि लंबे समय तक इसमें गिरावट रही थी. महाराष्ट्र में 11,141 नए मामले सामने आए हैं और 38 मौतें हुई हैं. जनवरी 2020 में संक्रमण की शुरुआत के बाद कुल मामलों की संख्या 22.2 लाख हो गई है.
दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गोवा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिवों के साथ बैठक की थी. इन राज्यों के वैक्सीन की खुराकों का बेहतर इस्तेमाल और ज्यादा जोखिम वाले जिलों पर ध्यान देने को कहा गया था.
जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Maharashtra Health Minister Rajesh Tope) ने जनता को जिम्मेदार ठहराए जाने के साथ सरकार की ढिलाई की बात भी मानी. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोगों ने कोरोना को हल्के में ले लिया है, किसी के मन में कोई गंभीरता नहीं है. नियमों के पालन को लेकर सरकारी मशीनरी में भी थोड़ी बहुत ढिलाई थी. महाराष्ट्र के कई जिलों में हालिया हफ्तों में नाइट कर्फ्यू लागू किया गया है और स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं.
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